Exit polls: राजस्थान के सट्टा बाजार ने इस पार्टी की सरकार बनने की कर दी घोषणा, पढे़ खबर

Exit polls: राजस्थान के सट्टा बाजार ने इस पार्टी की सरकार बनने की कर दी घोषणा, पढे़ खबर

December 9, 2018 0 By Vijay Kumar

देश, दूनिया और राजस्थान की हर हलचल पर यहां के सट्टा बाजार की नजर रहती है। पूरे देश में विख्यात यहां का सट्टा बाजार का सालाना कारोबार में करोड़ों रूपए का लेनदेन होता है। वहीं इस कारोबार को चलाने वालों का एक बड़ा नेटवर्क इसके पीछे काम कर रहा है। चुनावों के दौरान इस सट्टा बाजार में चुनावी जीत और हार के लिए रोज बदलते भाव से लोग काफी आकर्षित होते है।

फलोदी के इस सट्टा बाजार की यह खासियत है कि यहां चुनाव के अलावा क्रिकेट जगत से लेकर बारिश होने ना होने की बात पर भी सट्टा लग जाता है। पूरे देश में चुनावी सट्टेबाजी के लिए राजस्थान के फलोदी के सट्टेबाजों को सबसे भरोसेमंद माना जाता है। इसका कारण भी है यहां चुनाव के दौरान प्रत्य़ाशियों और पार्टी का बदलता भाव है। जैसे जैसे चुनाव के समीकरण बदलते हैं, उसी तरह यहां सट्टे पर लगने वाला भाव भी बदलता रहता है।

वैसे राज्य में प्रत्याशियों की घोषणा से पहले राजस्थान का सट्टा बाजार कांग्रेस को 150 सीटें दे रहा था। लेकिन फलौदी में 135-137 सीटों के भाव पर बाजार खुला था, इसमें भाजपा को 48-49 सीटें मिलने की उम्मीद बताई जा रही थी।

वहीं नामांकन वापस लेने के बाद यह आंकडा बदलता गया। पिछले 28 अक्टूबर को जो नए भाव खुलने के बाद कांग्रेस को प्रदेश में मिलने वाली सीटों का अनुमान 122 से 124 तक लगाया गया। वहीं भाजपा की सीटों में बढोतरी भी हुई। फिलहाल भाजपा का 50- 52 सीटों चल रहा आंकड़ा बढ़कर 60 से 62 सीटों तक पहुंच गया है। हालांकि अवैध सट्टेबाजी से जूड़े लोगों को इस बात का मलाल है कि इस बार राज्य में किसकी सरकार बनेगी, इसपर बड़े सौदे नहीं हो रहे हैं।
सट्टेबाजी के इस गोरखधंधे से जुड़े लोगों ने राज्य में तीन या चार दिसंबर देश के दिग्गज नेताओं की रैली के बाद नए भाव आने की उम्मीद जताई थी। माना जा रहा है कि 7 दिसंबर को विधानसभा चुनाव होने के बाद कांग्रेस की सरकार बनने न बनने और सीटों के आंकड़ो पर करोड़ो रुपए दांव पर लगाए जा चुका है।
अंडरवर्ल्ड से भी जूड़े है फलोदी के सट्टा बाजार के तार फलोदी के सट्टा बाजार का तार मुंबई से सीधा जुड़ा हुआ है।

माना जाता है कि यहां के सट्टेबाज राज्य के अलावा देश के कई अन्य सट्टा बाजार से भी फीड बैक लेते है. इसके अलावा इनकी खुद की टीम देश के कई बाजारों में खुद जाकर भी सर्वे करती है। इसके अलावा प्रदेश में हर दिन होने वाले नए राजनीतिक समीकरण पर नजर रखी जाती है। राजनीतिक समकरणों मे होने वाला बदलाव भी सट्टा बाजार के गणित को भी प्रभावित करती है।

यहां के सट्टा कारोबारी टिकट वितरण से लेकर, किस पार्टी की लहर राज्य में चल रही है और कहां कौन सा दिग्गज नेता किस क्षेत्र में प्रभावी हो सकता है। इसपर भी अपनी निगाहें बनाए रखती है समीकरण जो भी हों, सटोरियों की रहती है चांदी विधानभा चुनाव में फलोदी के सट्टेबाज जहां पूरे राज्य की नब्ज टटोलते हैं, लेकिन इस बार यहां के सट्टेबाज फलौदी सीट से कांग्रेस के प्रत्याशी को लेकर गच्चा खा गए।

फलौदी से टिकट के दावेदारों मे बड़ा नाम पूर्व विधायक ओम जोशी और विजयलक्ष्मी विश्नोई का चल रहा था। इसके अलावा महेश व्यास को टिकट मिलने के बाद सीट के उपर सट्टा में पैसा लगाने वालो का नुकसान हुआ। लेकिन कमाई सट्टेबाजों के खाते में चली गई।

यूं समझे सट्टे के भाव

28 अक्टूबर राज्य में कांग्रेस को 122 से 124 सीटों के लिए 25 पैसे का भाव था. अगर इतनी सीटों पर कांग्रेस की जीत हो जाती है तो अगर 100 रुपए का किसी वयक्ति ने सट्टा लगाया है तो उसे 125 रुपए मिलेगा. वही भाजपा की सीटों पर सट्टाबाजार में सीटे बढ़ने और घटने की उम्मीद के कारण भाजपा का भाव 4 से 5 रूपए चल रहा है. भाजपा पर सट्टा सही बैठने पर 100 रुपए लगाने वाले को 400 या 500 रुपए मिल सकता है. वैसे सट्टेबाजों की माने तो जिसकी निश्चितता नहीं होती है, उसके भाव हमेशा ज्यादा ही रहते है।

मध्यप्रदेश के बारे में सट्टा कारोबारियों का दावा है कि कांग्रेस को 119 से 121 सीट मिलने वाली है, जबकि बीजेपी को 95 से 97 सीट मिलने का अनुमान है, यानी सट्टाबाज़ार मध्यप्रदेश में कांग्रेस सरकार की भविष्यवाणी कर रहा है. अगर सट्टा बाज़ार का दावा सही साबित हुआ तो राजस्थान और एमपी में कांग्रेस की सरकार बनेगी।

फलोदी के सट्टा बाज़ार की भविष्यवाणी के मुताबिक चुनाव नतीजों में बीजेपी को तगड़ा झटका लग सकता है. बीते कई चुनावों में लगातार हार झेल चुकी कांग्रेस के लिए भविष्यवाणी जीवनदान की तरह है हालांकि 11 तारीख को जब नतीजे आएंगे तो ये आंकड़े बदल भी सकते