‘बत्ती गुल मीटर चालू’ फिल्म की स्लो कहानी ने दर्शको को किया बोर, जानिए कैसी है फिल्म

‘बत्ती गुल मीटर चालू’ फिल्म की स्लो कहानी ने दर्शको को किया बोर, जानिए कैसी है फिल्म

September 23, 2018 0 By Sports writer
batti gul

batti gul-journofacts.com

समाज के भ्रष्टाचार को उजागर करती फिल्म “बंत्ती गुल मीटर चालू’ उत्तराखंड राज्य में इस फिल्म को फिल्माया गया है। उत्तराखंड वैसे तो अपनी सुंदर वादियो के विख्यात है पर यहां बुनियादी सुविधाओं की कमी है जिसे डायरेक्टर ने फिल्म के माध्यम से दिखाने का प्रयास किया है। फिल्म की कहानी अच्छी है लेकिन ड्यूरेशन अधिक होने की वजह से कहानी बोर करती है। फिल्म की कहानी में बीच-बीच में ऐसा लगता है कि इसे बेमतल कहानी को खीचा जा रहा है। फिल्म के तीन प्रमुख किरदार तीन दोस्त हैं। नौटी उर्फ ललिता (श्रृद्धा कपूर), सुंदर त्रिपाठी (दिव्येन्दु शर्मा), सुशील उर्फ एसके (शाहिद कपूर) उत्तराखंड के छोटे कस्बे में रहते हैं। नौटी, फैशन डिजाइनर है। सुंदर का खुद का बिजनेस है और एसके एक चालू किस्म का वकील है जो गलत तरीके से पैसा कमाता है।
कलाकारों का अभिनय- एक दो सीन को छोड़ दें तो शाहिद कपूर का काम काफी अच्छा है। श्रृद्धा कपूर ने भी अच्छा काम किया है। उन्होंने छोटे कस्बे की लड़की के रोल में फिट होने के लिए अपनी बॉडी लैंग्वेज और पहनावे में कुछ चेंज किए हैं। दिव्येन्दु ने फिल्म में गुड बॉय का किरदार निभाया है। उनका काम भी अच्छा है। यामी गौतम के कैरेक्टर का नाम गुल्नार है जो कि डिफेंस की वकील बनी हैं।

फिल्म की कहानी

बत्ती गुल मीटर चालू

Journofacts-बत्ती गुल मीटर चालू फिल्म सीन

फिल्मी उत्तराखंड राज्य में रहने वाले तीन दोस्तो की भ्रष्टाचार के खिलाफ जद्दोजहेद की कहानी है बत्ती गुल मीटर चालू।
नौटी उर्फ ललिता (श्रृद्धा कपूर), सुंदर त्रिपाठी (दिव्येन्दु शर्मा), सुशील उर्फ एसके (शाहिद कपूर) उत्तराखंड के छोटे कस्बे में रहते हैं। नौटी, फैशन डिजाइनर है। सुंदर का खुद का बिजनेस है और एसके एक चालू किस्म का वकील है जो गलत तरीके से पैसा कमाता है। तीनों दोस्त एक-दूसरे के बेहद करीब हैं और ज्यादातर समय साथ ही बिताते हैं। उनके कस्बे में दिन में ज्यादातर समय बिजली नहीं रहती, जिससे निराशा बढ़ती जाती है। त्रिपाठी फैक्टरी का सेटअप कर रहा होता है तभी उसे 54 लाख रुपए का बिजली बिल भेजा जाता है। परेशान और हताश होकर त्रिपाठी कुछ ऐसा करता है जिससे इलेक्ट्रिकल कंपनी का देशव्यापी विरोध होता है जिसका नेतृत्व एसके करता है।

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