7 साल के इस बच्चे की 3 बार हो चुकी है ओपन हार्ट सर्जरी, ऑस्ट्रेलियाई टीम में किया शामिल बनाया गया उपकप्तान

7 साल के इस बच्चे की 3 बार हो चुकी है ओपन हार्ट सर्जरी, ऑस्ट्रेलियाई टीम में किया शामिल बनाया गया उपकप्तान

December 25, 2018 0 By Sports writer

आर्ची दिल की बीमारी से पीड़ित हैं और उनकी तीन बार ओपन हार्ट सर्जरी हो चुकी है। वे बड़े होकर ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम का कप्तान बनना चाहते हैं, इसीलिए क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (सीए) ने उनकी यह इच्छा पूरी की. भारत के खिलाफ 26 दिसंबर से शुरू होने वाले तीसरे टेस्ट के लिए ऑस्ट्रेलिया की 15 सदस्यीय टीम में सात साल के लेग स्पिनर आर्ची शिलर को भी शामिल किया गया है।

आर्ची को टिम पेन के साथ टीम का सह-कप्तान बनाया गया है। उनको अपने देश के बेस्ट क्रिकेटर्स के साथ ड्रेसिंग रूम शेयर करने का यह मौका मेक-ए-विश फाउंडेशन की कोशिश का नतीजा है। यह संगठन मुश्किल हालात का सामना कर रहे बच्चों की इच्छाएं पूरी करने के लिए काम करता है।

कोच लैंगर ने दी थी टीम में शामिल करने की सूचना

आर्ची इस शनिवार को ही सात साल के हुए हैं। उन्होंने अपने जन्मदिन पर यारा पार्क में एक सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान टिम पेन और भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली के साथ मंच भी साझा किया। ऑस्ट्रेलियाई टीम जब संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में पाकिस्तान के खिलाफ सीरीज खेल रही थी, तभी आर्ची को कोच जस्टिन लैंगर की ओर से उन्हें टीम में शामिल किए जाने की जानकारी मिली थी।

एडिलेड टेस्ट में अभ्यास सत्र में भी हिस्सा लिया था

आर्ची ने एडिलेड में हुए पहले टेस्ट से पहले ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों के साथ अभ्यास सत्र में भी भाग लिया था। आर्ची को इतनी छोटी सी उम्र में ढेरों परेशानियों से जूझना पड़ा है। जब वे तीन महीने के थे, तभी उनका सात घंटे तक दिल का ऑपरेशन हुआ था। छह महीने बाद उनके दिल में फिर से वॉल्व और धड़कन से जुड़ी समस्या सामने आई। इस कारण उनका फिर ऑपरेशन करना पड़ा। पिछले साल दिसंबर में उनकी यह समस्या फिर उभर आई। इस वजह से आर्ची की मेलबर्न में तीसरी बार ओपन-हार्ट सर्जरी हुई।

हम उनके साथ ड्रेसिंग रूम शेयर करने को आतुर : टिम पेन
टिम पेन ने भावुक होते हुए कहा, ‘जब आर्ची के पिता ने उससे पूछा कि वह क्या करना चाहता है, तो उसने कहा, ‘मैं ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम का कप्तान बनना चाहता हूं।’ कभी-कभी हम एक जीवन जीते हैं, यह बहुत अच्छा है, लेकिन तब यह जिंदगी और बेहतर लगती है, जब आपके समूह में कोई ऐसा व्यक्ति होता है, जो वास्तव में प्रेरक हो। उसे (आर्ची) को अपने आसपास रखना बहुत अच्छा है। हम उसके साथ बॉक्सिंग डे टेस्ट की शुरुआत करने को आतुर हैं।’